आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है | लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते है || आ लौट के आजा हनुमान .....
गए पवन सूत लाने संजीवन, अब तक क्यों नही आये | सेनापति सुग्रीव पुकारे, नर बानर घबराये || सब लोग भये सुनसान, तुम्हे श्री राम बुलाते है | आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
@Bhajan Lekh.
कभी तडपते कभी बिलखते, जीभर के प्रभु रोते | आये लखन तुम, अपनी माँ के हो इकलौते बेटे || यु रुदन करत है महान, तुम्हे श्री राम बुलाते है | आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
बीत गयी सब रैन, घडी रही ना एक पल भी बाकि | देख देख के राह तुम्हारी, बैरन अंखिया तांकि || कहि उदय ना हो जाये घात, तुम्हे श्री राम बुलाते है | आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
रात समय हनुमान संजीवन, ले सेना में आये झूमर लाली | धन्य बजरंगी लक्ष्मण प्राण बचाए || तब जाग उठे बलवान , तुम्हे श्री राम बुलाते है | आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है | लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)